अनुशासन पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: अनुशासनपर्व, अनुशासन पर्व, त्रयोदश पर्व
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
अनुशासन पर्व महाभारत का तेरहवाँ पर्व है, जिसमें भीष्म पितामह युधिष्ठिर को दान, धर्म और राजधर्म का उपदेश देते हैं।
यह पर्व मुख्यतः दानधर्म पर केंद्रित है, जिसमें दान के प्रकार, पात्र, फल और महिमा का विस्तृत वर्णन है।
इसमें अनेक उपाख्यान, व्रत, तीर्थ-माहात्म्य और स्त्री-धर्म से जुड़े प्रसंग भी हैं। साथ ही विष्णुसहस्रनाम का प्रसंग इसी पर्व से जुड़ा है।
पर्व के अंत में भीष्म देह त्याग कर स्वर्ग को प्रस्थान करते हैं। यह पर्व धर्म, दान और आचार-विचार का विशाल संग्रह है।
संबंधित
स्रोत: महाभारत, अनुशासन पर्व