आश्वलायन शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: अश्वलायन शाखा, आश्वलायनी शाखा
रचयिता / कर्ता: आश्वलायन / परंपरा-प्रसिद्ध
आश्वलायन शाखा ऋग्वेद की शाखा है, जिसे चरण-व्यूह में ऋग्वेद की पाँच शाखाओं में गिना जाता है।
इसकी संहिता की मौखिक परम्परा लुप्त हो चुकी है, परन्तु आश्वलायन श्रौत-सूत्र और गृह्य-सूत्र प्रचलित हैं।
महाराष्ट्र में शाकल शाखा के अनुयायी आश्वलायन कल्पसूत्र का पालन करने के कारण स्वयं को आश्वलायन कहते हैं।
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स्रोत: Wikipedia (Shakha); harekrsna.com (The Vedic Shakhas)