उच्चैःश्रवा
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: उच्चैःश्रवा, उच्चैश्रवस्, उच्चैःश्रवा अश्व
उच्चैःश्रवा समुद्र मंथन से निकला दिव्य श्वेत अश्व है। उसके नाम 'उच्चैःश्रवा' का अर्थ 'जिसका यश ऊँचा हो' माना जाता है।
समुद्र मंथन के प्रसंग में कामधेनु के बाद उच्चैःश्रवा प्रकट हुआ और असुरराज बलि ने इसे ले लिया। कुछ ग्रंथों में इसे इंद्र को दिया गया बताया जाता है; सूचियाँ भिन्न-भिन्न मिलती हैं।
उच्चैःश्रवा को सभी घोड़ों में श्रेष्ठ और सबसे तेज माना गया, जिसका भोजन अमृत बताया जाता है। परंपरा में इसे 'घोड़ों का राजा' कहा गया है।
श्रीमद्भागवत और विष्णु पुराण दोनों में समुद्र मंथन के रत्नों में इसका उल्लेख मिलता है।
नाते-रिश्ते
- जन्म: समुद्र मंथन
- स्वामी: बलि
- संबंधी: इंद्र
संबंधित
स्रोत: समुद्र मंथन प्रसंग, श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण