अश्वमेधिक पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: अश्वमेधिकपर्व, अश्वमेधिक पर्व, चतुर्दश पर्व, अनुगीता
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
अश्वमेधिक पर्व महाभारत का चौदहवाँ पर्व है, जिसमें युधिष्ठिर का अश्वमेध यज्ञ और उससे जुड़े प्रसंग हैं।
यज्ञ के अश्व का अनुसरण करते हुए अर्जुन अनेक देशों में जाते हैं और मणिपुर में बभ्रुवाहन (अर्जुन-चित्रांगदा के पुत्र) से उनका युद्ध होता है, जिसमें अर्जुन मूर्छित हो जाते हैं।
इसी पर्व में उत्तरा के गर्भ से परीक्षित का जन्म और अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उनकी रक्षा का प्रसंग है।
इसमें भगवद्गीता का सार 'अनुगीता' (कृष्ण-अर्जुन संवाद) भी है, जिसमें श्रीकृष्ण अर्जुन को पुनः ज्ञान देते हैं। यह पर्व युद्ध-पश्चात् शांति और धर्म-स्थापना का प्रतीक है।
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स्रोत: महाभारत, अश्वमेधिक पर्व