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मोरेश्वर

मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ

अन्य नाम: मयूरेश्वर, मोरगाँव गणपति

अष्टविनायकगणेशमहाराष्ट्रपुणे

मोरेश्वर मंदिर महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में, मोरगाँव नामक स्थान पर स्थित है। यह करहा नदी के तट पर है।

यहाँ गणपति की मयूरेश्वर (मोरेश्वर) नाम से पूजा होती है, जो मोर पर आरूढ़ रूप में विराजते हैं। मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है और गणपति की सूँड बाईं ओर मुड़ी है। मंदिर के आठ कोनों में गणपति की आठ मूर्तियाँ स्थित हैं।

कथा के अनुसार गणपति ने मोर पर सवार होकर सिंधु नामक असुर का वध किया था; मोरगाँव वह स्थान माना जाता है जहाँ उसका सिर गिरा। अष्टविनायक यात्रा मोरगाँव से आरंभ होकर यहीं सम्पन्न होती है। यह मंदिर गणपति-उपासक मोरया गोसावी से भी जुड़ा है।

प्रसिद्ध कथन

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ॐ गं गणपतये नमः॥

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स्रोत: मुद्गल पुराण