रुक्मिणी
महाभारत
अन्य नाम: रुक्मिणी
रुक्मिणी विदर्भ नरेश भीष्मक की पुत्री और रुक्मी की बहन थीं। उन्होंने कृष्ण को मन से पति रूप में वर लिया था, पर उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया।
रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के हाथ संदेश भेजकर कृष्ण को बुलाया, और कृष्ण ने विवाह-मंडप से ही उन्हें रथ पर बैठाकर हर लिया। यह प्रसिद्ध रुक्मिणी-हरण है। रुक्मी ने विरोध किया, पर पराजित हुआ।
रुक्मिणी कृष्ण की पटरानी तथा प्रद्युम्न और चारुमती की माता बनीं। वे भागवत परंपरा में कृष्ण की प्रमुख भक्त और सहचरी मानी जाती हैं; उनकी पुत्रवधू आगे अनिरुद्ध से विवाह-संबंध बना।
नाते-रिश्ते
- पिता: भीष्मक
- भाई: रुक्मी
- पति: कृष्ण
- पुत्र: प्रद्युम्न
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व, सभा पर्व