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सनत्कुमार पुराण

ग्रंथ

अन्य नाम: आदि पुराण, सनत्कुमारीय पुराण

रचयिता / कर्ता: सनत्कुमार / परंपरा-प्रसिद्ध

उपपुराणज्ञानमोक्ष

सनत्कुमार पुराण अठारह उपपुराणों में प्रथम स्थान पर गिना जाने वाला ग्रन्थ है। इसमें ब्रह्मा के मानस-पुत्र सनत्कुमार तथा अन्य ऋषियों के संवाद के रूप में ज्ञान, वैराग्य, योग और मोक्ष का उपदेश दिया गया है।

यह ग्रन्थ किसी एक वेद से बँधा नहीं है, परन्तु इसकी शिक्षाएँ वेदान्त तथा छान्दोग्य उपनिषद की 'भूम-विद्या' (अनन्त का ज्ञान) से मेल खाती हैं। परम्परा में इसे कूर्म पुराण तथा देवीभागवत की उपपुराण-सूचियों में सर्वप्रथम रखा जाता है।

इसमें नारद और सनत्कुमार के संवाद, कलियुग के धर्म, नाम-संकीर्तन की महिमा तथा ब्रह्मज्ञान से मुक्ति का वर्णन है। इसका महत्त्व यह है कि यह ज्ञान और भक्ति को साथ लेकर चलता है।

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नारदपुराणचार वेदब्रह्माभगवद्गीता

स्रोत: हिन्दी विकिपीडिया (उपपुराण); sanatanhindudharma.org (Sanatkumara Purana)