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हनुमान चालीसा (प्रथम चौपाई)

रोज़ का श्लोक

अन्य नाम: जय हनुमान ज्ञान गुन सागर

हनुमानभक्तिस्तोत्र

अर्थ — हे हनुमान ! आपकी जय हो, आप ज्ञान और गुणों के सागर हैं; हे कपीश्वर ! आपकी जय हो, आप तीनों लोकों में प्रकाशित (प्रसिद्ध) हैं।

यह हनुमान चालीसा की पहली चौपाई है। इससे चालीसा का मुख्य पाठ आरम्भ होता है, जिसमें हनुमान जी के गुणों और पराक्रम का गान है।

श्लोक

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

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स्रोत: हनुमान चालीसा