रंभा
स्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ
अन्य नाम: रंभा
रंभा स्वर्ग की प्रसिद्ध अप्सराओं में हैं, जो नृत्य-संगीत और रूप में अद्वितीय मानी जाती हैं।
वे इंद्र की सभा की अप्सरा हैं।
वाल्मीकि रामायण (बाल कांड) के अनुसार इंद्र ने विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए रंभा को भेजा; क्रोधित विश्वामित्र ने उन्हें दस हज़ार वर्षों तक पत्थर बनने का शाप दिया, जिससे एक ब्राह्मण द्वारा मुक्ति मिलनी थी। यह प्रसंग रामायण में विश्वामित्र की तपस्या और इंद्र के भय को दर्शाता है; रंभा अप्सराओं के स्वभाव तथा ऋषि-शक्ति के प्रभाव की प्रतीक हैं।
नाते-रिश्ते
- स्वामी: इंद्र
- शापदाता: विश्वामित्र
प्रसिद्ध कथन
हे देवराज! महर्षि विश्वामित्र अत्यंत क्रोधी हैं; वे निश्चय ही मुझे शाप देंगे, इसलिए मैं भयभीत हूँ। (रामायण – बाल कांड – भावानुवाद)
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स्रोत: रामायण – बाल कांड