उर्मिला
रामायण एवं रामचरितमानस
अन्य नाम: उर्मिला
उर्मिला जनक की पुत्री और सीता की बहन थीं; उनका विवाह लक्ष्मण से हुआ।
वनवास के समय उन्होंने लक्ष्मण को राम-सेवा के लिए भेजकर स्वयं अयोध्या में वियोग सहा। परवर्ती लोक-परंपरा में प्रचलित है कि उन्होंने चौदह वर्ष की 'निद्रा' लेकर लक्ष्मण को जागते रहने का वर दिया — यह कथा रामचरितमानस के मूल पाठ में नहीं, अपितु परवर्ती रचनाओं (जैसे आनंद रामायण) में मिलती है।
वे त्याग और धैर्य की प्रतिमूर्ति मानी जाती हैं; उनकी चर्चा रामकथा में संक्षेप में ही होती है।
नाते-रिश्ते
- पिता: जनक
- पति: लक्ष्मण
- बहन: सीता
प्रसिद्ध कथन
लक्ष्मण से: "प्रभु की सेवा में जाओ; मैं यहाँ तुम्हारी प्रतीक्षा में रहूँगी।" (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड