शिशुपाल
महाभारत
अन्य नाम: चेदिराज शिशुपाल
शिशुपाल चेदि देश के राजा और वसुदेव की बहन के पुत्र थे, इस कारण श्रीकृष्ण के फुफेरे भाई लगते थे। जन्म के समय वे तीन नेत्र और चार भुजाओं वाले हुए थे; आकाशवाणी के अनुसार जो उन्हें उठाकर गोद में ले, वही उनका काल बनेगा।
कृष्ण ने उन्हें गोद में लिया और उनके अतिरिक्त नेत्र तथा भुजाएँ लुप्त हो गईं। कृष्ण ने उनकी माता को वचन दिया कि वे सौ अपराध तक उन्हें क्षमा करेंगे। शिशुपाल सदा कृष्ण की निंदा करता रहा।
युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में जब कृष्ण को अग्रपूजा का अधिकार मिला, तो शिशुपाल ने सभा में कृष्ण का घोर अपमान किया और सौ अपराध पूर्ण होने पर कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से उनका वध कर दिया। शिशुपाल द्वेष और अहंकार के परिणाम का उदाहरण हैं।
नाते-रिश्ते
- माता: वसुदेव की बहन
- मामा: वसुदेव
- फुफेरा भाई: कृष्ण
पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध
जन्म के समय तीन नेत्र व चार भुजाओं वाले हुए; आकाशवाणी के अनुसार कृष्ण ही उनके काल बने।
प्रसिद्ध कथन
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स्रोत: महाभारत – सभा पर्व