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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ

अन्य नाम: नागेश्वर, नागनाथ, दारुकावन

ज्योतिर्लिंगशिवद्वादश ज्योतिर्लिंगमंदिरतीर्थगुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य में द्वारका के निकट दारुकावन क्षेत्र में विराजमान है। इसे 'नागेश्वर महादेव' भी कहा जाता है। इस स्थान को लेकर परंपराओं में मतभेद भी है; महाराष्ट्र के औंढा नागनाथ तथा उत्तराखंड के जागेश्वर को भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग माना जाता है।

यहाँ शिव 'नागेश्वर' अर्थात 'नागों के स्वामी' रूप में पूजित हैं। मान्यता है कि यहाँ दर्शन से सर्प-दोष तथा विष-भय से मुक्ति मिलती है।

कथा के अनुसार दारुक नामक राक्षस ने शिव-भक्त सुप्रिय और अन्य साधुओं को बंदी बना लिया। बंदीगृह में सुप्रिय ने शिव का स्मरण किया, तब शिव वहीं प्रकट होकर दारुक का संहार किया और नागों के स्वामी 'नागेश्वर' रूप में स्थिर हुए। मान्यता है कि यहाँ दर्शन से विष-भय और सर्प-दोष का निवारण होता है।

प्रसिद्ध कथन

नागेशं दारुकावने॥ (द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्)
(भावानुवाद) दारुकावन में नागेश विराजमान हैं।

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स्रोत: शिव पुराण