श्राद्ध तिथि
संस्कार एवं श्राद्ध-विधि
अन्य नाम: श्राद्ध तिथि, मृत्यु तिथि, तिथि श्राद्ध
श्राद्ध तिथि से आशय उस तिथि से है जिस पर मृत्यु हुई थी और जिस पर प्रतिवर्ष श्राद्ध किया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के समय जो तिथि प्रवृत्त थी, वही पितर की श्राद्ध तिथि मानी जाती है; यह नियम दिन या रात की मृत्यु पर भी लागू होता है। पितृपक्ष में तिथि के अनुसार श्राद्ध होता है और वर्ष के अन्य महीनों में उसी मास की उसी तिथि पर एकोद्दिष्ट श्राद्ध होता है।
इसका आधार गरुड़ पुराण, धर्मसिंधु और श्राद्ध-तत्त्व हैं। यदि मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो तो शास्त्र वैकल्पिक नियम बताते हैं, जैसे प्रस्थान की तिथि अथवा मार्गशीर्ष और माघ की अमावस्या।
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स्रोत: गरुड़ पुराण