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रामरहस्य उपनिषद

ग्रंथ

अन्य नाम: रामरहस्योपनिषद्

रचयिता / कर्ता: अपौरुषेय / परंपरा-प्रसिद्ध

उपनिषदवैष्णवअथर्ववेद

रामरहस्य उपनिषद श्रीराम को परब्रह्म मानने वाला वैष्णव उपनिषद है। रहस्य का अर्थ है — राम-तत्त्व का गूढ़ ज्ञान।

यह उपनिषद अथर्ववेद से जुड़ा है और इसे वैष्णव उपनिषदों में गिना जाता है। इसमें राम-मंत्र, राम-नाम की महिमा तथा सीता-राम की एकता बताई गई है।

इसका मुख्य सिद्धांत है कि राम ही परं ब्रह्म हैं और उनका नाम-जप मोक्ष का साधन है। प्रसिद्ध भाव है — राम ही परब्रह्म हैं। (भावानुवाद)

प्रसिद्ध कथन

राम एव परं ब्रह्म। (भावानुवाद)

संबंधित

ब्रह्मसीतामंत्रउपनिषद

स्रोत: अथर्ववेद