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कंस

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: कंस

मथुराअत्याचारीयदुवंश

कंस मथुरा के यदुवंशी राजा उग्रसेन का पुत्र था। कहा जाता है कि उसने अपने पिता को बंदी बनाकर स्वयं राजा बन बैठा। वह अत्याचारी और दुराचारी था।

उसकी बहन देवकी का विवाह वसुदेव से हुआ। आकाशवाणी ने कहा कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा; इसलिए कंस ने देवकी-वसुदेव को कारागार में डाल दिया और उनके नवजात शिशुओं को मरवा डाला।

आठवें पुत्र कृष्ण ने यमुना पार गोकुल में जन्म लिया और बड़े होकर मथुरा लौटे। कंस ने अनेक षड्यंत्र रचे, पर अंत में कृष्ण ने उसका वध किया। वह अधर्म और अहंकार का प्रतीक माना जाता है।

नाते-रिश्ते

  • पिता: उग्रसेन
  • भगिनी: देवकी
  • भांजा: कृष्ण
  • भांजा: बलराम
  • मित्र: जरासंध

पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध

कुछ पुराण-परंपराओं में कंस को पूर्वजन्म में कालनेमि राक्षस बताया गया है।

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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – दशम स्कन्ध