इक्ष्वाकु वंश
वंशावली
अन्य नाम: इक्ष्वाकु कुल, रघुकुल, अयोध्या वंश
इक्ष्वाकु वंश की उत्पत्ति वैवस्वत मनु के पुत्र इक्ष्वाकु से हुई, जो अयोध्या के प्रथम राजा माने जाते हैं। यह सूर्यवंश की प्रमुख शाखा है।
इस वंश में क्रमशः इक्ष्वाकु, ककुत्स्थ, त्रिशंकु, हरिश्चंद्र, सगर, भगीरथ, दशरथ और राम हुए। इक्ष्वाकु के पुत्र विकुक्षि और विकुक्षि के पुत्र ककुत्स्थ (पुरंजय) हुए।
वाल्मीकि रामायण में राम को 'इक्ष्वाकुवंशप्रभव' कहा गया है, और विष्णु पुराण में भी इस वंश की लम्बी वंशावली दी गई है।
नाते-रिश्ते
- इक्ष्वाकु
- ककुत्स्थ
- त्रिशंकु
- हरिश्चंद्र
- सगर
- भगीरथ
- दशरथ
- राम
प्रसिद्ध कथन
इक्ष्वाकुवंशप्रभवो रामो नाम जनैः श्रुतः — वाल्मीकि रामायण
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण, विष्णु पुराण