शिव पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: शिवपुराण, शिव महापुराण
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास
शिव पुराण अट्ठारह महापुराणों में शैव परंपरा का प्रमुख ग्रंथ है। इसके रचयिता वेदव्यास माने जाते हैं। ग्रंथ मुख्यतः सात संहिताओं में विभाजित है, जिनमें विद्येश्वर, रुद्र, शतरुद्र, कोटिरुद्र, उमा, कैलास और वायु संहिता प्रमुख हैं।
मुख्य विषय भगवान शिव की महिमा, लिंग-पूजा, बारह ज्योतिर्लिंगों की कथा, शिव-पार्वती का विवाह, दक्ष-यज्ञ और सती-प्रसंग, तथा कार्तिकेय और गणेश का जन्म है।
इसमें शिव-तत्व, रुद्र-गीता, शिवरात्रि व्रत तथा तीर्थ-माहात्म्य भी वर्णित है। शिव को सृष्टि-संहार के अधिष्ठाता तथा भक्तों के सर्वस्व के रूप में चित्रित किया गया है।
महात्मा: शैव संप्रदाय में इसका अत्यंत महत्त्व है और यह शिव-भक्ति, व्रत तथा लिंग-पूजा का आधार-ग्रंथ है।
संबंधित
स्रोत: शिव पुराण