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वल्लभ भाष्य

ग्रंथ

अन्य नाम: अणुभाष्य, ब्रह्मसूत्र अणुभाष्य

रचयिता / कर्ता: वल्लभाचार्य

शुद्धाद्वैतब्रह्मसूत्रभाष्य

यह ब्रह्मसूत्र पर वल्लभाचार्य द्वारा रचित भाष्य है, जिसे अणुभाष्य कहा जाता है। ब्रह्मसूत्र बादरायण का सूत्र-ग्रंथ है।

वल्लभाचार्य शुद्धाद्वैत वेदांत संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के प्रवर्तक आचार्य हैं। उनके अनुसार ब्रह्म ही सत्य है और जगत् उसका ही अविकृत रूप से प्रकट स्वरूप है; जीव ब्रह्म के अंश हैं।

भाष्य का नाम अणु इसलिए है क्योंकि इसमें सूत्रों का अर्थ अत्यंत संक्षेप में कहा गया है। इसमें ब्रह्म की लीला, पुष्टि और भक्ति का निरूपण है। यह शुद्धाद्वैत तथा पुष्टिमार्ग का मूल ग्रंथ है।

प्रसिद्ध कथन

सर्वं खल्विदं ब्रह्म। (छांदोग्य उपनिषद)
(भावानुवाद) ब्रह्म ही सत्य है और जगत् उसका ही अविकृत रूप से प्रकट स्वरूप है।

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ब्रह्मसूत्रवेदांतनिंबार्क भाष्यउपनिषदभगवद्गीता

स्रोत: अणुभाष्य