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वृंदावन

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: वृंदावन, वृन्दावन, ब्रज

कृष्णराधायमुनालीला-स्थल

वृंदावन मथुरा जिले में यमुना के तट पर, मथुरा से लगभग दस किलोमीटर दूर बसा है। यह ब्रज का प्रमुख लीला-स्थल है।

कृष्ण का बचपन यहाँ बीता; गोवर्धन-लीला, कालिय-दमन तथा रासलीला आदि प्रसंग इस क्षेत्र से जुड़े हैं। परंपरा में वृंदावन राधा और गोपियों के साथ कृष्ण की रास-लीला का स्थान माना जाता है।

यहाँ बांके बिहारी, राधा-रमण तथा गोविंद देव आदि प्रसिद्ध मंदिर हैं; मदन मोहन और श्रीजी के मंदिर भी यहीं हैं। निधिवन तथा सेवाकुंज आदि स्थल रास-लीला से जुड़े माने जाते हैं।

प्रसिद्ध कथन

'वृंदावनं मधुरं लीलाभूमिः' — वृंदावन मधुर लीला-भूमि है। (भावानुवाद)
'ब्रज के कण-कण में कृष्ण हैं' — ब्रजभूमि की सर्वव्यापी कृष्ण-भक्ति। (भावानुवाद)

संबंधित

श्रीकृष्णमथुरागोकुलद्वारकानारदविष्णु

स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण