शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

मन्वंतर

शब्दावली

अन्य नाम: मन्वंतर, मनु-काल

मनुकल्पसमय-गणना

मन्वंतर वह काल है जिसमें एक मनु (मनुष्यों के पिता) सृष्टि का शासन करते हैं। एक कल्प (ब्रह्मा का एक दिन) में चौदह मन्वंतर माने जाते हैं।

शास्त्रीय आधार: वर्तमान में सातवाँ मन्वंतर चल रहा है, जिसके मनु वैवस्वत मनु हैं। प्रत्येक मन्वंतर में अलग मनु, इंद्र, देवता और सप्तर्षि होते हैं।

विस्तृत अर्थ: चौदह मनुओं के नाम परंपरा में दिए गए हैं — स्वायंभुव, स्वारोचिष, औत्तमि, तामस, रैवत, चाक्षुष और वैवस्वत आदि। मन्वंतर की गणना कल्प, युग और महायुग के साथ जोड़ी जाती है।

उदाहरण: वैवस्वत मनु के पुत्र इक्ष्वाकु थे, जिनसे सूर्यवंश का आरंभ माना जाता है; राम और कृष्ण दोनों इसी वंश-परंपरा से जुड़ते हैं।

प्रसिद्ध कथन

'चतुर्दश मनवः कल्पे' — एक कल्प में चौदह मनु होते हैं। (भावानुवाद)
'वैवस्वतो मनुः वर्तते' — वर्तमान में वैवस्वत मनु हैं। (भावानुवाद)

संबंधित

चतुर्युगपुराणसूर्यचार वेदऋषिब्रह्मा

स्रोत: विष्णु पुराण, मनुस्मृति, भागवत पुराण