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काशी वंश

वंशावली

अन्य नाम: काश्य वंश, वाराणसी वंश

वंशावलीचंद्रवंशकाशीवाराणसी

काशी वंश आयु के पुत्र क्षत्रवृद्ध की शाखा से चला। क्षत्रवृद्ध के पुत्र सुहोत्र और सुहोत्र के पुत्र काश हुए, जिनके नाम पर काशी बसी।

इस वंश में क्रमशः काश, काशिराज, दीर्घतपा, धन्वन्तरि, दिवोदास, प्रतर्दन और अलर्क हुए। धन्वन्तरि आयुर्वेद के आदि आचार्य माने जाते हैं।

विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण और ब्रह्म पुराण में काशी वंश की वंशावली दी गई है। दिवोदास ने वाराणसी नगरी बसाई।

नाते-रिश्ते

  • क्षत्रवृद्ध
  • काश
  • धन्वन्तरि
  • दिवोदास
  • प्रतर्दन
  • अलर्क

प्रसिद्ध कथन

षष्टिवर्षसहस्राणि षष्टिवर्षशतानि च। अलर्कादपरो नान्यो बुभुजे मेदिनीं युवा — विष्णु पुराण

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चंद्रवंशधन्वंतरिकाशी

स्रोत: विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण