प्रदोष व्रत
व्रत एवं त्योहार
अन्य नाम: प्रदोष
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है, जो प्रदोष काल (संध्या) में किया जाता है।
यह प्रत्येक मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को, संध्या के समय किया जाता है।
विधि में संध्या-काल में शिवलिंग का पूजन, जल-बेलपत्र का अर्पण, दीपदान और व्रत कथा का श्रवण शामिल हैं। यह व्रत शिव-कृपा, संतान-सुख और पाप-नाश का साधन माना जाता है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ नमः शिवाय।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध