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कामाख्या

मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ

अन्य नाम: कामेश्वरी, कामाख्या देवी, योनि पीठ

शक्तिपीठदेवीअसमतंत्रअंबुबाची

कामाख्या मंदिर असम राज्य के गुवाहाटी नगर में नीलाचल पर्वत पर स्थित है। यह ब्रह्मपुत्र नदी के तट के निकट है और पूर्वोत्तर भारत का सर्वाधिक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है।

यहाँ देवी कामाख्या की पूजा होती है। मंदिर में देवी की कोई मानव-आकार मूर्ति नहीं है; गर्भगृह में एक योनि-आकार का शिलाखंड पूजित है, जिसके नीचे एक सदा-स्रवणशील जल-स्रोत बहता है। देवी को कामेश्वरी तथा महामाया भी कहा जाता है।

पुराणों के अनुसार दक्ष-यज्ञ में सती के देह-त्याग के बाद शिव उनका शरीर लेकर विचरने लगे; विष्णु के सुदर्शन चक्र से शरीर के खंड होने पर सती का योनि-अंग यहाँ गिरा। यहाँ प्रतिवर्ष आषाढ़ मास में अंबुबाची मेला लगता है, जब मंदिर तीन दिन बंद रहता है। शक्तिपीठों की संख्या परंपरा-भेद से 51, 52, 64 अथवा 108 मानी जाती है।

प्रसिद्ध कथन

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

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स्रोत: कालिका पुराण