वराह पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: वराहपुराण
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास
वराह पुराण अट्ठारह महापुराणों में एक है और इसमें भगवान विष्णु के वराह-अवतार की कथा केंद्रीय है। इसके रचयिता वेदव्यास माने जाते हैं।
मुख्य विषय वराह भगवान द्वारा पृथ्वी को हिरण्याक्ष से उद्धार तथा उनकी महिमा का वर्णन है। साथ ही इसमें शिव की स्तुति तथा 'शिव-विष्णु अभेद' का प्रतिपादन भी मिलता है।
इसमें सृष्टि-वर्णन, मन्वंतर, राजवंश, तीर्थ-माहात्म्य, दान-धर्म तथा व्रतों का वर्णन है। पुराणों की संख्या और विषयों की चर्चा भी इसमें मिलती है।
महात्मा: यह पुराण वराह-उपासना, पृथ्वी-माता की महिमा तथा धर्म-रक्षा की शिक्षा का स्रोत है।
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स्रोत: वराह पुराण