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द्वादश माधव यात्रा

तीर्थ यात्राएँ

अन्य नाम: द्वादश माधव, बारह माधव परिक्रमा

विष्णुप्रयागराजपरिक्रमामाधव

द्वादश माधव यात्रा प्रयागराज में भगवान विष्णु के बारह माधव स्वरूपों के मंदिरों की परिक्रमा है। इनमें आदि वट माधव, असि माधव, संकटहर माधव, शंख माधव, आदि वेणी माधव, चक्र माधव, गदा माधव, पद्म माधव, मनोहर माधव, बिंदु माधव, वेणी माधव और अनंत माधव सम्मिलित हैं।

ये मंदिर संगम-तट से लेकर झूंसी, अरैल और प्रयागराज के दक्षिणी ग्रामों तक फैले हैं। परम्परा में परिक्रमा आदि वट माधव से आरम्भ होकर अनंत माधव पर समाप्त होती है।

मान्यता है कि ब्रह्मा ने प्रयाग क्षेत्र की सीमा निर्धारित करने के लिए इन बारह माधवों की स्थापना की थी, और इनकी परिक्रमा के बिना प्रयाग-दर्शन अधूरा माना जाता है। वेणी माधव को प्रयागराज का अधिष्ठाता देवता माना जाता है।

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स्रोत: मत्स्य पुराण / परंपरा-प्रसिद्ध