दुष्यंत-शकुंतला
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: दुष्यंत, शकुंतला
दुष्यंत-शकुंतला की कथा प्रेम, विस्मरण और पुनर्मिलन की प्रसिद्ध कथा है। राजा दुष्यंत ने वन में शकुंतला से गांधर्व विवाह किया।
यह कथा महाभारत के आदि पर्व तथा कालिदास के अभिज्ञानशाकुन्तलम् में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र दुष्यंत, शकुंतला, भरत, कण्व, दुर्वासा और मेनका हैं।
दुष्यंत के नगर लौटने पर दुर्वासा के शाप से उन्हें शकुंतला का स्मरण न रहा। शकुंतला ने पुत्र भरत के साथ राजभवन में जाकर मुद्रिका से पहचान दी और दुष्यंत ने उन्हें अपनाया। भरत के नाम से भारतवंश चला। यह कथा भाग्य और विश्वास का प्रतीक है।
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व