सत्यकाम जाबाल
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: सत्यकाम, सत्यकाम जाबाल
सत्यकाम जाबाल की कथा सत्यनिष्ठा और गुरु-कृपा की कथा है। बालक सत्यकाम ने गुरु गौतम के आश्रम में शिक्षा के लिए प्रवेश माँगा।
यह कथा छांदोग्य उपनिषद् में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र सत्यकाम जाबाल, गुरु गौतम और उसकी माता जाबाला हैं।
गौतम ने पूछा कि उसके पिता कौन हैं; सत्यकाम ने सत्य बताया कि उसे माँ के अतिरिक्त किसी का पता नहीं। सत्यवाद से प्रसन्न गौतम ने उसे शिष्य बनाया। सत्यकाम ने तप और ब्रह्मचर्य से आत्मज्ञान प्राप्त किया। यह कथा सत्य की शक्ति और जाति से ऊपर गुण के महत्व को दर्शाती है।
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स्रोत: छांदोग्य उपनिषद्