चिंतामणि
मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ
अन्य नाम: चिंतामणि गणपति, थेऊर गणपति
चिंतामणि मंदिर महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में, थेऊर नामक स्थान पर स्थित है। यह मुला तथा मुठा नदियों के संगम के निकट है।
यहाँ गणपति की चिंतामणि नाम से पूजा होती है। मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है और गणपति की सूँड बाईं ओर मुड़ी है।
कथा के अनुसार ऋषि कपिल के पास 'चिंतामणि' नामक दिव्य रत्न था, जिसे राजा गण ने छीन लिया; गणपति ने ऋषि की रक्षा की। तब से देवता चिंतामणि कहलाए। यह अष्टविनायक यात्रा का पाँचवाँ स्थान है और मोरया गोसावी से जुड़ा है।
प्रसिद्ध कथन
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ॐ गं गणपतये नमः॥
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स्रोत: मुद्गल पुराण