श्रीमद्भागवत पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: भागवत पुराण, भागवत, श्रीमद्भागवतम्, श्रीमद्भागवत
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास
श्रीमद्भागवत पुराण अट्ठारह महापुराणों में सर्वाधिक लोकप्रिय है और वैष्णव भक्ति का शिरोमणि ग्रंथ माना जाता है। इसके रचयिता वेदव्यास हैं। यह बारह स्कंधों में विभाजित है और इसमें लगभग अठारह हज़ार श्लोक हैं।
मुख्य विषय भगवान विष्णु और उनके अवतारों की महिमा, विशेष रूप से श्रीकृष्ण-भक्ति है। दशम स्कंध में श्रीकृष्ण का जन्म, बाल-लीलाएँ, गोवर्धन, रासलीला तथा द्वारका की कथाएँ विस्तार से हैं।
अन्य स्कंधों में सृष्टि, वराह-अवतार, प्रह्लाद-कथा, गजेंद्र-मोक्ष तथा अंबरीष आदि की कथाएँ और कपिल तथा ऋषभ के उपदेश हैं। ग्रंथ परीक्षित और शुकदेव के संवाद रूप में है।
महात्मा: यह भक्ति-योग, नवधा भक्ति और श्रीकृष्ण-प्रेम का सर्वोच्च स्रोत है। वैष्णव संप्रदाय तथा भागवत-परंपरा का यह केंद्रीय ग्रंथ है।
प्रसिद्ध कथन
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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण