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चरक

आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग

अन्य नाम: चरक मुनि, महर्षि चरक

आयुर्वेदआचार्यसंहिता

चरक आयुर्वेद की कायचिकित्सा परंपरा के श्रेष्ठ आचार्य माने जाते हैं। उनकी रचना चरक संहिता आयुर्वेद का सर्वाधिक प्रामाणिक ग्रंथ है।

चरक संहिता में आठ स्थान हैं — सूत्र, निदान, विमान, शारीर, इंद्रिय, चिकित्सा, कल्प और सिद्धि। परंपरा के अनुसार इसका मूल आचार्य अग्निवेश का ग्रंथ था, जिसका प्रतिसंस्कार चरक ने किया।

चरक संहिता में रोग-निदान, दोष-सिद्धांत, औषध-वर्ग, रसायन और स्वास्थ्य-रक्षा का विस्तृत वर्णन है। यह आज भी आयुर्वेद-शिक्षण का मूल आधार है।

प्रसिद्ध कथन

शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्। — चरक संहिता, सूत्रस्थान

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सुश्रुतआयुर्वेदधन्वंतरि

स्रोत: चरक संहिता