सभा पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: सभापर्व, सभा पर्व, द्वितीय पर्व
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
सभा पर्व महाभारत का दूसरा पर्व है। इसमें मयासुर द्वारा बनाई गई सभा (मयासभा), युधिष्ठिर का राजसूय यज्ञ और शिशुपाल-वध का वर्णन है।
इसका केंद्रीय प्रसंग द्यूत-क्रीड़ा है, जिसमें शकुनि के कपट से युधिष्ठिर अपना राज्य, भाई और पत्नी तक हार जाते हैं।
इसमें द्रौपदी का चीरहरण और उसका प्रतिकार, भीम-दुर्योधन के अपमान तथा विदुर और भीष्म के वचन शामिल हैं।
पर्व के अंत में द्रौपदी के अपमान का बदला लेने और बारह वर्ष वनवास तथा एक वर्ष अज्ञातवास की शर्त के साथ पांडव वन जाते हैं। यह पर्व महाभारत-युद्ध का मूल कारण प्रस्तुत करता है।
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स्रोत: महाभारत, सभा पर्व