सुमंत्र
रामायण एवं रामचरितमानस
सुमंत्र अयोध्या के राजा दशरथ के मुख्य मंत्री और सारथी थे। वे राज-काज में दशरथ के विश्वस्त सलाहकार थे।
संतान-प्राप्ति के लिए सुमंत्र ने ही दशरथ को ऋष्यशृंग को आमंत्रित करने की सलाह दी, जिससे पुत्रकामेष्टि यज्ञ हुआ और राम आदि चार पुत्रों का जन्म हुआ।
वनवास के समय सुमंत्र ही रथ पर राम, सीता और लक्ष्मण को शृंगवेरपुर तक ले गए। राम के लौटने से इनकार पर वे अयोध्या लौटे और दशरथ को वन की सारी बात सुनाई।
नाते-रिश्ते
- स्वामी: दशरथ
- सारथी: राम
- मंत्री: अयोध्या
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – अयोध्याकाण्ड