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मयासुर

महाभारत

अन्य नाम: मय, मयदानव

महाभारतदानवशिल्पकार

मयासुर (मय) दानवों के प्रसिद्ध शिल्पकार और वास्तुकार थे। उन्हें मायावी विद्याओं तथा अद्भुत भवन-निर्माण का ज्ञाता माना जाता है। वे मूलतः दानव वंश के थे और उनकी पुत्री मंदोदरी रावण की पत्नी थीं।

खांडव वन दहन के समय अर्जुन और कृष्ण ने मय को बचा लिया, क्योंकि उसने शरण माँगी। कृतज्ञता में मय ने युधिष्ठिर की सेवा में आकर इंद्रप्रस्थ में भव्य माया सभा (सभा पर्व) का निर्माण किया।

वह सभा अपनी माया और अद्भुत शिल्प के लिए प्रसिद्ध थी; दुर्योधन उसे देखकर जल भुन गया, जिससे द्यूत-सभा का षड्यंत्र और आगे बढ़ा। मयासुर प्राचीन भारतीय शिल्प-कौशल का पौराणिक प्रतीक हैं।

नाते-रिश्ते

  • पुत्री: मंदोदरी
  • जामाता: रावण
  • कृतज्ञ: अर्जुन

संबंधित

युधिष्ठिरअर्जुनश्रीकृष्णदुर्योधनइंद्रप्रस्थ

स्रोत: महाभारत – आदि पर्व, सभा पर्व