सुरसा
रामायण एवं रामचरितमानस
सुरसा नागों (सर्पों) की माता हैं और दक्ष प्रजापति की कन्या मानी जाती हैं। रामायण के सुन्दरकाण्ड में वे हनुमान की परीक्षा लेने आती हैं।
जब हनुमान सीता की खोज में समुद्र पार कर रहे थे, तब देवताओं ने उनकी बल-बुद्धि परखने के लिए सुरसा को भेजा। सुरसा ने राक्षसी रूप धरकर हनुमान को खाने की इच्छा प्रकट की।
हनुमान ने पहले तो श्रीराम का कार्य पूर्ण कर लौटने पर उसके मुख में प्रवेश करने का वचन दिया। सुरसा के हठ करने पर उन्होंने अपना रूप बढ़ाया, और जब सुरसा ने मुख विशाल किया, तो अत्यंत सूक्ष्म रूप धरकर उसके मुख में प्रवेश कर तुरंत बाहर निकल आए। इस प्रकार हनुमान ने बल नहीं, बुद्धि से विजय पाई। सुरसा ने प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
नाते-रिश्ते
- संतान: नाग (सर्पों की माता)
- पिता: दक्ष
- परीक्षक: हनुमान की
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – सुन्दरकाण्ड