रावणवध
ग्रंथ
अन्य नाम: रावणवधम्
रचयिता / कर्ता: भट्टि
रावणवध भट्टिकाव्य का ही अपर नाम है, जिसमें राम-कथा के साथ पाणिनि व्याकरण के नियमों का उदाहरण दिया गया है।
रचयिता भट्टि हैं। यह ग्रंथ बाईस सर्गों में है और अपने दोहरे प्रयोजन — काव्य तथा व्याकरण — के लिए जाना जाता है।
विषय राम-कथा और व्याकरण-शिक्षण है। चूँकि यह भट्टिकाव्य का ही नाम है, इसे उसी कृति के रूप में समझा जाता है और इसीलिए दोनों नाम परंपरा में साथ चलते हैं।
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स्रोत: भट्टिकाव्य (भट्टि), जिसे रावणवध भी कहा जाता है