केदारनाथ ज्योतिर्लिंग
मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ
अन्य नाम: केदारनाथ, केदार, केदारखंड
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय के केदार नामक श्रृंग पर, मंदाकिनी नदी के निकट लगभग ३,५८० मीटर की ऊँचाई पर विराजमान है। यह छोटे चार धाम तथा पंच केदार का प्रमुख स्थान है। मंदिर वर्ष में लगभग छह माह ही खुला रहता है।
यहाँ का लिंग अनियमित आकार की स्वाभाविक शिला है, जिसे पिंडी रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यह शिव के वृषभ (बैल) रूप का कूबड़ (पृष्ठ-भाग) है। यहाँ जल के स्थान पर घृत (घी) से अभिषेक किया जाता है।
कथा के अनुसार महाभारत युद्ध के पश्चात पांडव शिव की क्षमा पाने के लिए उन्हें ढूँढते हुए यहाँ आए। शिव बैल का रूप धरकर भूमि में समाने लगे; भीम ने उन्हें पकड़ा, तब उनका पृष्ठ-भाग यहाँ प्रकट हुआ। शेष भाग तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर में प्रकट हुए। मान्यता है कि यहाँ दर्शन से पितृ-तृप्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
प्रसिद्ध कथन
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स्रोत: शिव पुराण