कार्तिक पूर्णिमा
व्रत एवं त्योहार
अन्य नाम: देव दीपावली, कार्तिकी पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक मास की सबसे पवित्र पूर्णिमा है, जिसमें दीपदान और स्नान का विशेष महत्व है।
यह कार्तिक मास की पूर्णिमा को, सामान्यतः नवंबर में आती है; यह कार्तिक स्नान का समापन भी है।
विधि में पवित्र नदी में स्नान, दीपदान, सत्यनारायण व्रत, तुलसी-पूजन और गो-दान शामिल हैं। इसे देव दीपावली भी कहा जाता है। यह पर्व पाप-नाश और पुण्य-संचय का प्रतीक है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
दीपदान से अज्ञान का अंधकार दूर होता है। (भावानुवाद)
संबंधित
विष्णुराम नाम दोहा (तुलसीदास)दीपावलीशरद पूर्णिमासत्यनारायण व्रत
स्रोत: स्कन्द पुराण / कार्तिक माहात्म्य