अहोई अष्टमी
व्रत एवं त्योहार
अन्य नाम: अहोई माता व्रत
अहोई अष्टमी संतान की रक्षा और दीर्घायु की कामना से किया जाने वाला व्रत है।
यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को, सामान्यतः अक्टूबर-नवंबर में पड़ती है।
विधि में निर्जला उपवास, अहोई माता की पूजा, तारों को अर्घ्य, स्याहू-म्याहू की कथा और बायना शामिल हैं। यह व्रत संतान-सुख और माता के वात्सल्य का प्रतीक है।
प्रसिद्ध कथन
अहोई माता संतान की रक्षा करती हैं। (भावानुवाद)
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध