मणिमान
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: मणिमान यक्ष, मणिमान वध, कुबेर का मित्र
मणिमान कुबेर का मित्र तथा उसके नगर का सेनापति यक्ष था, जो अत्यंत बलशाली और अभिमानी था। अगस्त्य ऋषि ने उसे शाप दिया था कि एक मनुष्य के हाथों उसकी मृत्यु होगी। पांडवों की तीर्थ-यात्रा के समय द्रौपदी के लिए दिव्य कमल लाने गए भीम कुबेर के वन-प्रदेश में पहुँचे।
यह कथा महाभारत के वन पर्व में वर्णित है, जहाँ भीम के गंधमादन पर्वत की ओर जाने और यक्षों से युद्ध का प्रसंग आता है।
मुख्य पात्र भीम, मणिमान, कुबेर, अगस्त्य और पांडव हैं। भीम ने यक्ष-सेना को परास्त किया और युद्ध में मणिमान को उठाकर पृथ्वी पर पटक दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई और अगस्त्य का शाप सफल हुआ। इस कथा का महत्व यह है कि भीम के अद्वितीय बल और धर्म-रक्षा का वर्णन होता है, तथा अहंकार और शाप का फल भी प्रकट होता है।
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स्रोत: महाभारत – वन पर्व