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भरत चक्रवर्ती

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: भरत, चक्रवर्ती भरत, भरत सम्राट

चंद्रवंशदुष्यंतशकुंतलाचक्रवर्तीभारत

भरत चक्रवर्ती दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र तथा चंद्रवंश के पौरव परंपरा के महान सम्राट थे। इन्हीं के नाम पर इस देश का नाम 'भारत' पड़ा।

भरत का जन्म कण्व ऋषि के आश्रम में हुआ। एक प्रसिद्ध प्रसंग में शकुंतला के खोए हुए मुद्रिका-रूप प्रमाण के कारण दुष्यंत ने पहले उन्हें न पहचाना, पर बाद में परिवार पुनः मिला — यह कथा कालिदास के 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' में विस्तृत है।

बाल्यकाल में भरत सिंह के मुख में हाथ डालकर उसके दांत खोलने से नहीं डरे, इसीलिए उन्हें 'सर्वदमन' भी कहा गया। भरत चक्रवर्ती के वंश में ही आगे कुरु, शांतनु तथा कौरव-पांडव हुए।

नाते-रिश्ते

  • पिता: दुष्यंत
  • माता: शकुंतला
  • वंश: पौरव (चंद्रवंश)
  • पालक: कण्व ऋषि

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पुरुकुरुययाति

स्रोत: महाभारत, श्रीमद्भागवत पुराण