राम अश्वमेध
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: अश्वमेध यज्ञ, लव-कुश
सीता के वन जाने के बाद राम ने प्रायश्चित्त और धर्म-स्थापन हेतु अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ का अश्व छोड़ा गया, जिसके साथ सेना चलती थी।
यज्ञ-अश्व घूमते हुए वाल्मीकि आश्रम के निकट पहुँचा, जहाँ सीता के पुत्र लव और कुश रहते थे। दोनों बालकों ने अश्व को पकड़ लिया और आने वाली राम की सेना को परास्त कर दिया।
राम को जब यह समाचार मिला तो वे स्वयं आश्रम की ओर चले। वाल्मीकि ने लव-कुश को राम के सामने रामायण का गान कराया, जिसमें राम के समस्त चरित्र का वर्णन था।
गान सुनकर राम ने लव-कुश को अपने पुत्र पहचाना और सीता के साथ पुनर्मिलन हुआ। यह प्रसंग वाल्मीकि-रामायण के लोक-प्रचार तथा लव-कुश की कीर्ति से जुड़ा है।
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण – उत्तरकाण्ड