त्रिफला
आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग
अन्य नाम: त्रिफला चूर्ण, तीन फल
त्रिफला तीन फलों — हरीतकी (हरड़), विभीतकी (बहेड़ा) और आमलकी (आँवला) — से बना प्रसिद्ध आयुर्वेदिक योग है। इसका नाम ही तीन फल से बना है।
चरक संहिता और सुश्रुत संहिता — दोनों में त्रिफला का उल्लेख रसायन तथा स्रोतोविशोधक योग के रूप में मिलता है। यह वात, पित्त और कफ — तीनों दोषों पर सम्यक् कार्य करता है।
त्रिफला पाचन सुधारता, मल को साफ करता, नेत्र और त्वचा को बल देता तथा रसायन रूप में आयु बढ़ाता है। इसका सेवन चूर्ण, क्वाथ या चूर्ण-जल के रूप में किया जाता है।
प्रसिद्ध कथन
(भावानुवाद) त्रिफला तीनों दोषों को शांत करने वाला, नेत्र और पाचन के लिए श्रेष्ठ योग है।
संबंधित
स्रोत: चरक संहिता, सुश्रुत संहिता