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पुरूरवा-उर्वशी

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: पुरूरवा, उर्वशी

चंद्रवंशप्रेमअप्सराविरह

पुरूरवा-उर्वशी की कथा चंद्रवंश के आरंभ और प्रेम-विरह की कथा है। राजा पुरूरवा ने अप्सरा उर्वशी से विवाह किया।

यह कथा श्रीमद्भागवत पुराण के नवम स्कन्ध तथा ऋग्वेद की सूक्तियों में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र पुरूरवा, उर्वशी और गंधर्व हैं।

उर्वशी ने शर्त रखी कि वह मेमने की रक्षा करेंगे और उसे नग्न न देखेंगे। गंधर्वों ने मेमना चुराया और उर्वशी ने पुरूरवा को नग्न देखकर उन्हें छोड़ दिया। पुरूरवा विरह में व्याकुल हुए और अंत में उर्वशी से उनका पुत्र हुआ। यह कथा प्रेम, शर्त और विरह का प्रतीक है।

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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – नवम स्कन्ध