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महाप्रस्थानिक पर्व

ग्रंथ

अन्य नाम: महाप्रस्थानिकपर्व, महाप्रस्थानिक पर्व, सप्तदश पर्व

रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत

महाभारतपर्वमहाप्रस्थानहिमालय

महाप्रस्थानिक पर्व महाभारत का सत्रहवाँ पर्व है, जिसमें पांडव राज्य का त्याग कर महाप्रस्थान (अंतिम यात्रा) पर निकलते हैं।

युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव और द्रौपदी हिमालय की ओर चलते हैं। मार्ग में एक-एक करके सब गिरते जाते हैं।

द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीम अपने-अपने दोषों के कारण गिरते हैं। केवल युधिष्ठिर शेष रहते हैं, जिनके साथ एक कुत्ता चलता रहता है।

अंत में इंद्र युधिष्ठिर को स्वर्ग ले जाने आते हैं, पर युधिष्ठिर कुत्ते को छोड़ने से इनकार करते हैं। यह पर्व धर्मनिष्ठा और त्याग का प्रतीक है।

संबंधित

युधिष्ठिरभीमअर्जुननकुलसहदेवद्रौपदी

स्रोत: महाभारत, महाप्रस्थानिक पर्व