अंगिरा
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: अंगिरस, अंगिरा ऋषि
अंगिरा (अंगिरस) ब्रह्मा के मानस पुत्र और प्रमुख वैदिक ऋषियों में से एक हैं। वे अंगिरस वंश के आदि पुरुष माने जाते हैं, जिसमें अनेक ऋषि हुए।
ऋग्वेद के अनेक सूक्त अंगिरसों (अंगिरा के वंशजों) से जुड़े हैं; अग्नि को अंगिरसों का मित्र और पुरोहित कहा गया है। वे आकाश के सप्तर्षि मंडल की नामावली में गिने जाते हैं — मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु और वशिष्ठ।
परंपरा में बृहस्पति को कहीं-कहीं अंगिरा के पुत्र या अंगिरस वंशज माना जाता है; इसी कारण बृहस्पति को 'आंगिरस' भी कहा जाता है।
महाभारत की शांति पर्व में आने वाली 'चित्रशिखंडी' ऋषि-सूची में अंगिरा का नाम आता है।
नाते-रिश्ते
- पिता: ब्रह्मा
- पुत्र: बृहस्पति
- मित्र: अग्नि
संबंधित
स्रोत: ऋग्वेद, विष्णु पुराण, महाभारत