ब्रह्म सूत्र 1.1.1
रोज़ का श्लोक
अन्य नाम: अथातो ब्रह्मजिज्ञासा
अर्थ — अब इसके बाद ब्रह्म की जिज्ञासा (जानने की इच्छा) होती है।
यह बादरायण के ब्रह्म सूत्र (वेदांत सूत्र) का प्रथम सूत्र है, जो वेदांत दर्शन का आरम्भ करता है। यह ब्रह्म-जिज्ञासा को दर्शन का प्रथम अधिकार बताता है।
श्लोक
अथातो ब्रह्मजिज्ञासा।
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स्रोत: ब्रह्म सूत्र