अजामिल कथा
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: अजामिल
अजामिल की कथा नाम-स्मरण की महिमा की कथा है। ब्राह्मण अजामिल ने दुराचारी जीवन जिया, पर अपने पुत्र का नाम नारायण रखा था।
यह कथा श्रीमद्भागवत पुराण के षष्ठम स्कन्ध में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र अजामिल, यमदूत, विष्णुदूत और नारायण हैं।
मृत्यु के समय अजामिल ने पुत्र को नारायण कहकर पुकारा, जिससे विष्णु के दूत आए और यमदूतों ने उसे छोड़ दिया। अजामिल को भगवान का नाम-स्मरण सुनने का अवसर मिला और वह मुक्त हुआ। यह कथा बताती है कि भगवान का नाम-स्मरण भी पाप नष्ट करता है।
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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – षष्ठम स्कन्ध