आयुर्वेद
ग्रंथ
अन्य नाम: आयुर्वेद, उपवेद आयुर्वेद, चिकित्साशास्त्र
रचयिता / कर्ता: परंपरा: धन्वंतरि एवं अश्विनीकुमार; संहिताकार: चरक, सुश्रुत
आयुर्वेद उपवेदों में से एक है और भारत की पारंपरिक चिकित्सा-पद्धति है। इसका संबंध अथर्ववेद से माना जाता है, जिसमें अनेक औषधीय और रोग-निवारण के मंत्र हैं।
आयुर्वेद का मूल उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी के रोग का निवारण है। इसमें त्रिदोष (वात, पित्त, कफ), सप्तधातु और त्रिमल की अवधारणा प्रमुख है।
चरक संहिता (चिकित्सा) और सुश्रुत संहिता (शल्य-चिकित्सा) इसके दो सर्वप्रमुख ग्रंथ हैं। धन्वंतरि को आयुर्वेद के देवता और अश्विनीकुमारों को इसके आदि आचार्य माना जाता है।
आयुर्वेद के आठ अंग हैं — कायचिकित्सा, बालचिकित्सा, शल्य, शालाक्य, विषचिकित्सा, भूतविद्या, रसायन और वाजीकरण। यह विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा-परंपराओं में से एक है।
संबंधित
स्रोत: चरक संहिता एवं सुश्रुत संहिता