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विनता

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: विनता देवी

कश्यप-पत्नीगरुड़-मातादक्ष-कन्या

विनता दक्ष प्रजापति की कन्या और महर्षि कश्यप की पत्नी थीं। वे गरुड़ और अरुण की माता हैं तथा कद्रू की बहन थीं।

कश्यप ने उन्हें वर दिया था कि उनके दो पुत्र उत्पन्न होंगे। कद्रू के साथ हुई बाज़ी में हार जाने पर विनता और गरुड़ को दासता का जीवन बिताना पड़ा।

कद्रू ने छल से बाज़ी जीतकर विनता को दासी बना लिया था। गरुड़ ने अमृत लाकर अपनी माता को इस दासता से मुक्त कराया। रामायण में गरुड़ का महत्वपूर्ण स्थान है—उन्होंने ही राम और लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त किया था। इस प्रकार विनता गरुड़-कथा की जननी के रूप में स्मरणीय हैं।

नाते-रिश्ते

  • पति: कश्यप
  • पुत्र: गरुड़, अरुण
  • बहन: कद्रू
  • पिता: दक्ष

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गरुड़कश्यपअरुण

स्रोत: महाभारत – आदि पर्व (अस्तीक पर्व)