गंधमादन पर्वत
नदियाँ एवं पर्वत
अन्य नाम: गंधमादन
गंधमादन को पुराणों में मेरु के निकट स्थित दिव्य पर्वत कहा गया है। गंधमादन का अर्थ है गंध से मत्त करने वाला।
इसे कुबेर के निवास-क्षेत्र और देवताओं के उद्यानों से जुड़ा माना जाता है।
वाल्मीकि रामायण में हनुमान की औषधि-खोज से जुड़ी कथा में गंधमादन का उल्लेख मिलता है। विष्णु पुराण में इसे मेरु-क्षेत्र का पर्वत कहा गया है।
प्रसिद्ध कथन
गंधमादन का अर्थ गंध से मत्त करने वाला पर्वत है। (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण; विष्णु पुराण